• आदर्श उद्यमों का विकास

    • लागत प्रभावी गैर-रासायनिक संरक्षण और पैकेजिंग विधियों का विकास।
    • संभावित उपयोग के कृषि रसायनों की पहचान, निष्कर्षण, पृथक्करण और शुद्धिकरण।
    • स्वच्छ प्रौद्योगिकियों (स्वच्छ विकास तंत्र परियोजनाएँ) के माध्यम से अपशिष्ट पुनर्चक्रण से संबंधित उद्यम।
    • रासायनिक क्षेत्र में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए योजनाओं का विकास (ग्रामीण संसाधनों/बाजार पर निर्भर उद्योगों पर ध्यान देने के साथ)
    • ग्रामीण रासायनिक उद्योगों से संबंधित पर्यावरणीय प्रभाव निर्धारण (ईआईए) करना।
    • ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए उपयुक्त प्रक्रियाओं और संयंत्र डिजाइनों को कम करना।
  • परीक्षण सुविधाएं

    रासायनिक उद्योग प्रभाग में ग्रामीण उत्पादों और प्रक्रियाओं को वैश्विक मानकों को प्राप्त करने में मदद करने के लिए उन्नत उपकरणों के साथ एक परीक्षण प्रयोगशाला है।

    उच्च प्रदर्शन तरल क्रोमैटोग्राफ (एचपीएलसी), गैस क्रोमैटोग्राफ (जीसी), परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोफोटोमीटर (एएएस), यूवी-विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, उच्च प्रदर्शन पतली परत क्रोमैटोग्राफ (एचपीटीएलसी), टिंटोमीटर, पोलारिमीटरआदि प्रमुख उपकरण प्रभाग में उपलब्ध हैं।

    राष्ट्रीय और निर्यात बाजारों में हमारे ग्राहकों को प्रामाणिक/विश्वसनीय परीक्षण सेवाएं प्रदान करने के लिए, एमगिरी की गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाएं राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन (कैलिब्रेशन) प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल), नई दिल्ली द्वारा प्रत्यायन की प्रक्रिया में हैं। यह आशा की जाती है कि जनवरी 2011 के आसपास प्रयोगशालाएं अपनी परीक्षण/प्रत्यायन सेवाएं शुरू कर देंगी।

    विशिष्ट सुविधाओं में शामिल हैं

    • एगमार्क/पीएफए/एफपीओ/बीआईएस के अनुसार खाद्य संबंधित उत्पादों जैसे खाद्यान्न, अनाज, दालें, मसाले, तेल और वसा, जैविक खाद्य, शहद, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद और पानी का परीक्षण।
    • ग्रामीण संसाधन आधारित रासायनिक उत्पादों जैसे तेल, साबुन, डिटर्जेंट, शैम्पू और सौंदर्य प्रसाधनों के लिए परीक्षण सुविधा।
    • कीटनाशकों, खाद्य फ्लेवर्स, आवश्यक तेलों, वसा, शर्करा, विटामिन, प्रोटीन, खाद्य संरक्षक, दवाओं, एंटीबायोटिक्स, अमीनो एसिड, कार्बनिक अम्ल आदि में अवशिष्ट धातुओं (विशेष रूप से भारी धातुओं में) का निर्धारण।

    विभाग विषाक्तता की दृष्टि से पानी और मिट्टी का परीक्षण भी करता है।

  • प्रशिक्षण

    यह प्रभाग गुणवत्ता प्रबंधन में उद्यमियों और प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करता है। चुनिंदा विषयों में उन्नत सुविधाओं की आवश्यकता वाले उद्यमशीलता की दृष्टि से महत्वपूर्ण छात्र परियोजनाओं की भी सहायता की जाती है।

  • परामर्श

    यह प्रभाग पहले बताए गए क्षेत्रों में परामर्श प्रदान करता है, जिसमें प्रारंभिक ध्यान निम्नलिखित परामर्शों पर दिया जाता है

    • उद्योग की आवश्यकता के अनुसार नए उत्पादों / नियमनों का विकास
    • रासायनिक निर्माण उद्योगों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण मार्गदर्शन और घरेलू प्रयोगशालाओं की स्थापना। प्रवाह उपचारसंयंत्र का डिजाइन और विकास।
  • नीति एवं नियोजन

    इस प्रभाग में निम्न परियोजनाएं भी चलाती हैं:

    • ग्रामीण औद्योगिकीकरण के लिए गुणवत्ता-नियंत्रण रणनीतियाँ तैयार करना।
    • उपयुक्त ग्रामीण क्षेत्र में रासायनिक उद्योगों स्थापित करने की योजना बनान ।
    • कार्य के लिए कार्यान्वयन योजना तैयार करने में सरकार को सुझाव देना;